मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

काव्यात्मक वर्णमाला

               काव्यात्मक वर्णमाला
  • अनार की है शान निराली !
  • झुमता रहता डाली-डाली !!
  • दाङिम नाम है यह पाया !
  • कवियो ने विशेषण बनाया !!






  • आम फलो का दुलारा है !
  • फल यह बसंत को प्यारा है !!
  • यही तो है फलो का राजा !!
  • सौरभ रसाल कमाल छाजा !!







  • इमली की है बात निराली !
  • सूख जावे तो होवे लाली !!
  • ये आती अनेको काम !
  • स्वाद है खट्टा फिर भी नाम !! 


  • ईख बहुत काम की भाई !
  • इससे बनती सभी मिठाई !!
  • यह कृषको मे सुख भरती है !
  • बिन चाखे रस ना देती है !!



  • उल्लू रजनी मे जब बोले !
  • सुनने वाले का मन डोले !!
  • कुछ लोग यह नाम है पाते!
  • जो किसी को नही है भाते !!



  • ऊन बहुत ही उपयोगी है !
  • यह तो कितनो की रोजी है !!
  • इससे हम है ठंड से बचते !
  • हम इसको भेङो से पाते !!


  •    
  •      ॠ                              ॠषि


  •   ॠषि बहुत प्रकार के होते !
  • नारद जी देवर्षि कहलाते !!
  • ये बहुत ज्ञानी होते है !
  • प्राणियो का शुभ चाह्ते है!!








  •     ए                            एकतारा

  • ए से होवे एकतारा एङी !
  • एङी पर है  दुनिया खङी !!
  • एकतारा एक वाद्य यन्त्र है !
  • इसमे बधता एक तन्त्र है !!




  • ऍ 
  •                                                








  • ऍनक



  • ऍ करता ऍनक ऍरावत !
  • इन्द्र ऍरावत के महावत !!
  • हो जब नेत्र रोशनी छरण !
  • तभी जाते ऍनक की शरण !!






  • ओ                         ओखल

  • ओ ओकारेश्वर की हथेली!
  • इसकी एक ध्वनि है ओखली!!
  • ओकारेश्वर आशुतोष है!
  • ये ही तो विश्व के ईश है!!
  • औ                    औरत
  • औरत माता बहना नारी!
  • यह दुनिया मे सबको प्यारी!! 
  • इससे  बनती सारी सृष्टि!
  • यह करती मातृत्व कि वृष्टि!!









  • अं               अंगूर 

  • अंगूर दिखता बहुत प्यारा!
  • इसका रस है न्यारा-न्यारा!!
  • जब नहीं अंगूर है मिलता!
  • तब इसी को खट्टा कह्ता!!


  • अः





  •          क                                             कमल
  • क का कमल कमलाकर कमला!
  • इनकी कृपा पर मति सबला!!
  • जिन पर कृपा कमलाकर के!
  • करतलगत सब होवे उनके!!







  • ख                  खरगोश

  • खरगोश दिखत बहुत प्यारा!
  • नहिं लेता यह कभी सहारा!!
  • घमंड किया कछुऍ से हारा!
  • इस प्रकार सिख दे बेचारा!!




  • ग              गणेश
  • गणेश सबके आदि देवता!
  • पुजा केवल मातु पिता!!
  • मातु पिता के सेवा का फल!
  • मिलता उसको हर सुख हर पल!!



  • घ            घङी
  • घङी बङे महत्व कि मशीन!
  • समय बताये यह समीचीन!!
  • आराम नहीं यह करती है!
  • कर्म कीमती सिखलाती !!
[ङ]





  • च                          चरखा
  • चरखा बना बापू पहचान!
  • जिसने बनाया देश महान!!
  • हथकरघों से बनते वस्त्र!
  • फैला मंत्र स्वदेशी सर्वत्र !!
  •  



  • छ                     छ्ङी
  • छ्ङी संयुक्त है यह छाता !
  • गर्मी वर्षा में सबको भाता!!
  • दोनों मौसम इसे न छोङो!!
  • इससे ही तुम नाता जोङो!!


  • ज                  जहाज
  • जहाज एक है नभ को जाता!
  • एक है हरदम जल को भाता!!
  • वायु जहाज बना वायुयान!
  • जल जहाज का नाम जलयान !!














  • झ                   झंडा
  • झंडा की है शान निराली!
  • इसको हम सबने लहराली!!
  • यही हमारे देश की शान!
  • रखना हमें है इसका मान!!


  • [ञ]


  • ट                   टमाटर
  • टमाटर भरा रस से सारा!
  • यह है प्यारा साग हमारा!!
  • यह हर मानव को ही भाये!
  • पाचनक्रिया ठीक बनाये!!





  • ठ                  ठठेरा
  • ठ से  ठठेरा औ ठग होते!
  • ठग लोगों को है ठग जाते!!
  • ठठेरा बडे काम का भाई!
  • काम करे यह पाई-पाई!!




  • ड                डलिया                                    
  • डलिया हर घर में मिलती!
  • यह बेकार नही रह्ती है!!
  • इसको देखो लीला भाई!
  • घास फूस ने इसे बनाई!!




  • ढ              ढोलक
  • ढोलक हर जग मे बजती है!
  • झाल को यह साथ रखती है!!
  • जब देखो तुम अल्हा ताजा!
  • वहॉ मिलेगा ढोलक बाजा!!


[ण]



  • त             तलवार


  • तलवार रख म्यान में भाई!
  • आती है यह काम लङाई!!
  • कायरों यह कभी न भावै!
  • रणवीरों से शोभा पावै !!




  • थ                  थरमस
  • थरमस होता बङा व छोटा!
  • इसका काम न होता खोटा!
  • हरेक को लाभ पहुंचाता!
  • कई प्रकार काम मेंआता!!




  • द                   दरवाजा
  • दरवाजा मकान की शोभा!
  • यह देवे घर को एक आभा!!
  • जाङा- गर्मी दिन व राती!
  • रक्षा करता अनेकों भांती!!





  • ध               धनुष
  • धनुष साथ जब होवे बाना!
  • दर जावे तब निच का प्राना!
  • चढ्कर बान न वापस आवै!
  • तौल के बोलो यह बतलावै!!





  • न                 नल
  • नल हम सबको पानी देता!
  • जल मानव का जीवन होता!!
  • बिना काम नल कभी न खोलो!
  • जल जीवन है इसको तौलो!!



  • प                  पतंग
  • पतंग अनन्त में उङ जाता!
  • कितना बढिया शोभा पाता!!
  • कई कटते कई पङते है!
  • संक्रान्ति को ये उङते है!!



  • फ                 फल
  • फल ताजा हम सब को भावे!
  • जन-जन को यह स्वस्थ बनावे!!
  • धनी ज्ञानी विनम्र हो जावे!
  • सभी फल बृक्ष हमको सिखावे!!




  • ब                    बकरी
  • बकार बकरी बतख बनावे!
  • बा बाजार बाजा बजावे!!
  • बरतन बनिया बन्धु बधाई!
  • ब बनावे बन्धन व सगाई!!






  • भ                भगत
  • भगत का बल भक्ति होती!
  • जो देवे हर जन को जोती!!
  • भगति ही है भगत की शोभा!
  • इसी पर भगवान भी लोभा!!




  • म              मछली
  • मछली जल में महल बनावे!
  • बिनु जल यह न कभी रह पावे!!
  • जल जीवन है सबका भाई!
  • रक्षा करो प्रानन की नाई!!







  • य                 यज्ञ
  • यज्ञ जब कभी हो जावे सफल!
  • मिला करता है इसका सुफल!!
  • सभी साध्य साधक का भरता!
  • यज्ञ कर्म को ईंगीत करता!!





  • र                     रथ
  • रथ से बनते रथी सारथी!
  • रथारुण हो वीर महारथी!!
  • होता था सम्राटों की शान!
  • रथ महावीरों का है आन!!





  • ल                लङका
  • लङका बङका बाबू बनता!
  • खोटा काम न जब यह करता!!
  • होते सब खुश उससे भाई!
  • जो करता है खूब पढाई!!




  • व             वकील
  • वकील करे वकालत भाई!
  • करै इस हेतु कठिन पढाई!!
  • देखे भिन्न- भिन्न यह केशा!
  • वकालत ही है इसका पेशा!!



  • श               शलगम
  • शलगम है एक मीठी सब्जी!
  • हो न इससे किसी को कब्जी!!
  • यह सबको है स्वस्थ बनावे!
  • इसको जमीन से उपजावे!!



  • ष               षडानन
  • षडानन गजानन के भाई!
  • बनी उमाजी इनकी माई!!
  • तारकासुर को इन्ही ने मारी!
  • करते रहते मोर सवारी!!





  • स                सङक
  • सङक जोङती है शहरों को!
  • गॉवों गलियोंऔर घरों को!!
  • इसका हर मानव से नाता!
  • जन-जन इससे लाभ है पाता!!


  • ह                  हल
  • हल होते किसानों की शान!
  • जिसका लिया अब ट्रक्टर स्थान!!
  • देखो ट्रक्टर है हल जोते!
  • फिर खेतों में अनाज बोते!!



  • क्ष                क्षत्रिय
  • क्षत्रिय है होते बङे सपूत!
  • इनको कहते सब राजपूत!!
  • इसी जाति में था एक राणा!
  • दिया उसने देश हित प्राणा!!



  • त्र               त्रिशूल
  • त्रिशूल महादेव को सोहै!
  • देख जिसे सबका मन मोहै!!
  • उनका अस्त्र है एक त्रिशूल!
  • नाश करै यह निशिचर समूल!!



  • ज्ञ              ज्ञानी
  • ज्ञानी सबको ज्ञान सिखाते!
  • विभिन्न ज्ञान का पाठ पढाते!!
  • करता है वह ज्ञान की बृष्टि!
  • रखता सब पर कृपा दृष्टि!!
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