शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

दयामयी मातु शारदे वर दे



                                                     
                                                दयामयी मातु शारदे वर दे -वर दे----!
हम पर अपनी दया दॄष्टि कर दे-- कर दे!!
तू महासरस्वती बुद्धिदायिनी ज्ञानदायिनी हो,
शुभ्रवसना कमल आसना हंसवाहिनी हो!
बुद्धि देकर मां मेरा तू,विद्या में अनुराग भर दे---
दयामयि मातु शारदे वर दे -वर दे------!!
सुर नर सेवित तू, पूजित वेदों से है,
करती कृपा पुत्रो पर,तू युगो युगो से है!
आज तू अज्ञानियो में ज्ञान का संचार कर दे---
 दयामयी मातु शारदे वर दे -वर दे----!
कदाचारी स्वेच्छेचारी, है सभी ये बढ रहे,
सदाचारी है आतंक की, बेदियो पर चढ रहे!
दुराचारो का नाश कर, जन-जन में सदाचार भर दे----  
    दयामयी मातु शारदे वर दे -वर दे----!
है घङी ऐसी की सह पाना अब दुस्वार है,
हताश होकर हम खङे,अब तेरे द्वार है!
राष्ट्र का उद्धार कर मां, ममत्व का संचार कर दे-----
    दयामयी मातु शारदे वर दे -वर दे----!                     

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